अजन्तपुँल्लिङ्गप्रकरणम् रूप सिद्धि पूरी प्रक्रिया (Laghu Siddhanta Kaumudi)
तिङन्त प्रकरण , भ्वादिगण ,अदादिगण,जुहोत्यादिगण
“रमा शब्द रूप सिद्धि ” rama sabad roop sidhi
तिङन्तप्रकरणम् ,लकार (lakar), Tigant Prakaran (Sanskrit Grammar)
भू (भवति) धातु की रूप सिद्धि (धातु + प्रत्यय + प्रक्रिया) Bhu dhatu roop sidhi
सूत्र: स्वौजसमौट्छष्टाभ्याम्भिस्ङेभ्याम्भ्यस्ङसिभ्याम्भ्यस्ङसोसाम्ङ्योस्सुप् (४.१.२) ,laghusiddhantakaumudi
सूत्र: अर्थवदधातुरप्रत्ययः प्रातिपदिकम् (१.२.४५) , कृत्तद्धितसमासाश्च (१.२.४६),laghusiddhantakaumudi
सन्नन्त रूपों की सिद्धि =सन्नन्त प्रकरण (Sannanta Prakarana)
यङ्लुगन्त रूपसिद्धि
भू धातु (भ्वादिगण, परस्मैपदी) के रूपों की सिद्धि, (bhu dhatu roop siddhi – sanskrit)
नामधातु
“रामः” शब्द की रूपसिद्धि (प्रथमा विभक्ति, एकवचन) ram shabd ki roop siddhi-sanskrit
अतो दीर्घो यञि -अष्टाध्यायी
“स्यतासी लृलुटोः,सार्वधातुक,आर्धधातुकं शेषः”
पाणिनीय व्याकरण (लघुसिद्धान्तकौमुदी) के अनुसार ‘हरिः’ रूप की सिद्धि
लघुसिद्धान्तकौमुदी – संज्ञाप्रकरणम् (माहेश्वर सूत्र)
संज्ञाप्रकरणम् – मुखनासिकावचनोऽनुनासिकः (अनुनासिक संज्ञा और वर्णों के भेद)
अणुदित् सवर्णस्य चाप्रत्ययः (१।१।६९),परः सन्निकर्षः संहिता (१।४।१०९),हलोऽनन्तराः संयोगः (१।१।७),सुप्तिङन्तं पदम् (१।४।१४)
संज्ञा प्रकरण: 30 अति महत्वपूर्ण प्रश्न-NET/JRF, CUET-MCQ
संज्ञाप्रकरणम् (अष्टाध्यायी) | माहेश्वर सूत्र, हलन्त्यम्, लोप, संयोग, पद – सम्पूर्ण हिन्दी व्याख्या