भ्वादिगण क्या होता है?

भ्वादिगण संस्कृत के धातु-गणों (verb groups) में पहला और सबसे important गण है।

👉 “भ्वादि” नाम इसलिए पड़ा क्योंकि इसका पहला धातु है “भू” (to be / होना)


भ्वादिगण की पहचान (सबसे जरूरी 🔥)

👉 इस गण की धातुओं में लट् लकार (present tense) में
“अ” (शप् प्रत्यय) जुड़ता है।

Formula:

धातु + अ + तिङ् प्रत्यय


Example 1: “भू” धातु

Step-by-step:

  1. धातु = भू
  2. शप् (अ) जोड़ते हैं → भू + अ = भव
  3. अब तिङ् प्रत्यय जोड़ते हैं:
पुरुषरूप
प्र. पु. (He)भवति
म. पु. (They)भवन्ति
उ. पु. (You)भवसि

👉 इसलिए:
भू → भवति = वह होता है


Example 2: “एष्” धातु

  1. धातु = एष्
    • अ → एष + अ = एष
  2. रूप बनेगा:
  • एषति = वह चाहता है / खोजता है (context पर depend करता है)

भ्वादिगण की मुख्य बातें (short notes 🧠)

  • यह पहला धातु-गण है
  • इसमें शप् (अ) लगता है
  • Present tense में रूप बनता है:
    👉 भू → भवति, गम् → गच्छति (कुछ में परिवर्तन होता है)
  • बहुत सारी common धातुएँ इसी गण में आती हैं

🔷 1. लट् लकार (Present Tense) — “होता है”

👉 धातु: भू → भव

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्र. पु. (वह)भवतिभवतःभवन्ति
म. पु. (तुम)भवसिभवथःभवथ
उ. पु. (मैं)भवामिभवावःभवामः

🔷 2. लङ् लकार (Past Tense) — “था”

👉 धातु: भू → अभव (अगम = augment)

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्र. पु.अभवत्अभवताम्अभवन्
म. पु.अभवःअभवताम्अभवत
उ. पु.अभवम्अभवावअभवाम

🔷 3. लृट् लकार (Future Tense) — “होगा”

👉 धातु: भू → भविष्य

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्र. पु.भविष्यतिभविष्यतःभविष्यन्ति
म. पु.भविष्यसिभविष्यथःभविष्यथ
उ. पु.भविष्यामिभविष्यावःभविष्यामः

🔷 एष् धातु क्या है?

👉 एष् (इच्छायाम् / अन्वेषणे)
अर्थ: चाहना / खोज करना (to desire / to seek)

👉 यह भ्वादिगण की धातु है, इसलिए इसमें भी
शप् (अ) जुड़ता है।


🔷 रूप कैसे बनता है? (Step समझो)

  1. धातु = एष्
    • अ (शप्) → एष + अ = एष
  2. फिर तिङ् प्रत्यय लगते हैं

🔷 लट् लकार (Present Tense)

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्र. पु.एषतिएषतःएषन्ति
म. पु.एषसिएषथःएषथ
उ. पु.एषामिएषावःएषामः

👉 एषति = वह चाहता है / खोजता है


🔷 लङ् लकार (Past Tense)

👉 “अ” (augment) जुड़ता है

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्र. पु.अएषत्अएषताम्अएषन्
म. पु.अएषःअएषताम्अएषत
उ. पु.अएषम्अएषावअएषाम

🔷 लृट् लकार (Future Tense)

👉 एष् → एषिष्य

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्र. पु.एषिष्यतिएषिष्यतःएषिष्यन्ति
म. पु.एषिष्यसिएषिष्यथःएषिष्यथ
उ. पु.एषिष्यामिएषिष्यावःएषिष्यामः

🔷 अदादिगण क्या है?

👉 यह दूसरा धातु-गण है
👉 इसका नाम पड़ा “अद्” (खाना) धातु से


🔥 सबसे important पहचान

👉 अदादिगण में “शप् (अ)” नहीं लगता
👉 यानी भ्वादिगण की तरह “अ” जोड़कर रूप नहीं बनते

👉 सीधे धातु + तिङ् प्रत्यय


🔷 Example 1: “अद्” धातु (to eat)

🔸 लट् लकार (Present)

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्र. पु.अत्तिअत्तःअदन्ति
म. पु.अत्सिअत्थःअत्थ
उ. पु.अद्मिअद्वःअद्मः

👉 अत्ति = वह खाता है


🔸 लङ् लकार (Past)

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्र. पु.अदत्अदताम्अदन्
म. पु.अदःअदताम्अदत
उ. पु.अदम्अदावअदाम

👉 अदत् = उसने खाया


🔸 लृट् लकार (Future)

👉 अद् → अदिष्य

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्र. पु.अदिष्यतिअदिष्यतःअदिष्यन्ति
म. पु.अदिष्यसिअदिष्यथःअदिष्यथ
उ. पु.अदिष्यामिअदिष्यावःअदिष्यामः

🔷 एनु धातु क्या है?

👉 एनु (गतौ / अनुगमने)
अर्थ: जाना / पीछे-पीछे चलना (to go / to follow)

👉 यह अदादिगण (2nd class) की धातु है


🔥 सबसे जरूरी rule

👉 अदादिगण में “शप् (अ)” नहीं लगता
👉 यानी form बनेगा:

➡️ धातु + तिङ् प्रत्यय (सीधे)


🔷 लट् लकार (Present Tense)

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्र. पु.एनुतिएनुतःएन्वन्ति
म. पु.एनुसिएनुथःएनुथ
उ. पु.एनुमिएनुवःएनुमः

👉 एनुति = वह चलता है / पीछे जाता है


🔷 लङ् लकार (Past Tense)

👉 “अ” augment लगता है

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्र. पु.अएनुत्अएनुताम्अएन्वन्
म. पु.अएनुःअएनुताम्अएनुत
उ. पु.अएनुम्अएनुवअएनुम

👉 अएनुत् = वह गया / पीछे गया


🔷 लृट् लकार (Future)

👉 एनु → एनुषिष्य

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्र. पु.एनुषिष्यतिएनुषिष्यतःएनुषिष्यन्ति
म. पु.एनुषिष्यसिएनुषिष्यथःएनुषिष्यथ
उ. पु.एनुषिष्यामिएनुषिष्यावःएनुषिष्यामः

🔷 जुहोत्यादिगण क्या है?

👉 यह तीसरा धातु-गण (3rd class) है
👉 इसका नाम पड़ा धातु “हु” से, जिसका रूप बनता है “जुहोति”


🔥 सबसे important पहचान

👉 इस गण में reduplication (अभ्यास) होता है
➡️ यानी धातु के पहले उसका एक छोटा हिस्सा दुबारा आता है

👉 Formula:
अभ्यास + धातु + तिङ् प्रत्यय


🔷 Example 1: “हु” धातु (यज्ञ में आहुति देना)

Step समझो:

  1. धातु = हु
  2. अभ्यास (reduplication) → जु + हु = जुहु
  3. रूप बनता है → जुहोति

🔷 लट् लकार (Present Tense)

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्र. पु.जुहोतिजुहतःजुह्वति
म. पु.जुहोषिजुहुथःजुहुथ
उ. पु.जुहोमिजुहुवःजुहुमः

👉 जुहोति = वह आहुति देता है


🔷 लङ् लकार (Past Tense)

👉 “अ” augment + अभ्यास

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्र. पु.अजुहौत्अजुहुताम्अजुहुवन्
म. पु.अजुहुःअजुहुताम्अजुहुत
उ. पु.अजुहुम्अजुहुवअजुहुम

👉 अजुहौत् = उसने आहुति दी


🔷 लृट् लकार (Future)

👉 हु → होष्य

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्र. पु.होष्यतिहोष्यतःहोष्यन्ति
म. पु.होष्यसिहोष्यथःहोष्यथ
उ. पु.होष्यामिहोष्यावःहोष्यामः

🔷 “वा” धातु क्या है?

👉 वा (गतौ / वायौ / वचन में भी मिलता है context के अनुसार)
अर्थ:

  • चलना / बहना
  • या कभी बोलना (context पर depend)

👉 यह जुहोत्यादिगण (3rd class) में आती है


🔥 सबसे जरूरी rule (याद रखो)

👉 इस गण में अभ्यास (reduplication) होता है

➡️ वा → व + वा = ववा


🔷 रूप कैसे बनेगा?

👉 अभ्यास + धातु + तिङ्

➡️ ववा + ति = ववाति


🔷 लट् लकार (Present Tense)

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्र. पु.ववातिववातःववन्ति
म. पु.ववासिववाथःववाथ
उ. पु.ववामिववावःववामः

👉 ववाति = वह चलता है / बहता है


🔷 लङ् लकार (Past Tense)

👉 “अ” + अभ्यास

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्र. पु.अववात्अववाताम्अववन्
म. पु.अववाःअववाताम्अववात
उ. पु.अववाम्अववावअववाम

🔷 लृट् लकार (Future)

👉 वा → वाष्य

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्र. पु.वाष्यतिवाष्यतःवाष्यन्ति
म. पु.वाष्यसिवाष्यथःवाष्यथ
उ. पु.वाष्यामिवाष्यावःवाष्यामः

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