पाणिनीय व्याकरण (लघुसिद्धान्तकौमुदी) के अनुसार ‘हरिः’ रूप की सिद्धि

पाणिनीय व्याकरण (लघुसिद्धान्तकौमुदी) के अनुसार ‘हरिः’ रूप की सिद्धि प्रथमा विभक्ति, एकवचन में होती है। यह इकारान्त पुल्लिंग श्रृंखला का सबसे पहला और सरल रूप है, जिसकी प्रक्रिया ‘रामः’ शब्द के समान ही चलती है। इसकी क्रमिक रूपसिद्धि निम्नलिखित है: 1. प्रातिपदिक संज्ञा 2. प्रत्यय विधान 3. अनुबन्ध लोप (इत् संज्ञा) 4. पद संज्ञा 5. … Continue reading पाणिनीय व्याकरण (लघुसिद्धान्तकौमुदी) के अनुसार ‘हरिः’ रूप की सिद्धि