अणुदित् सवर्णस्य चाप्रत्ययः (१।१।६९),परः सन्निकर्षः संहिता (१।४।१०९),हलोऽनन्तराः संयोगः (१।१।७),सुप्तिङन्तं पदम् (१।४।१४)

११. अणुदित् सवर्णस्य चाप्रत्ययः (१।१।६९) यह सूत्र वर्णों के ‘सवर्ण’ (समान परिवार के वर्णों) को पहचानने का नियम बताता है। १२. परः सन्निकर्षः संहिता (१।४।१०९) १३. हलोऽनन्तराः संयोगः (१।१।७) १४. सुप्तिङन्तं पदम् (१।४।१४) यह व्याकरण का वह सूत्र है जो शब्द को ‘पद’ बनाता है। बिना ‘पद’ बने कोई भी शब्द संस्कृत के वाक्य में … Continue reading अणुदित् सवर्णस्य चाप्रत्ययः (१।१।६९),परः सन्निकर्षः संहिता (१।४।१०९),हलोऽनन्तराः संयोगः (१।१।७),सुप्तिङन्तं पदम् (१।४।१४)