“रामः” शब्द की रूपसिद्धि (प्रथमा विभक्ति, एकवचन) ram shabd ki roop siddhi-sanskrit

संस्कृत व्याकरण (पाणिनीय अष्टाध्यायी) के अनुसार “रामः” शब्द की रूपसिद्धि (प्रथमा विभक्ति, एकवचन) निम्नलिखित चरणों में होती है: 1. प्रातिपदिक संज्ञा (शब्द का मूल रूप तय करना) “राम” शब्द ‘रमुँ क्रीडायाम्’ धातु से ‘हलश्च’ सूत्र द्वारा ‘घञ्’ प्रत्यय लगाकर बनता है। कृत प्रत्यय अन्त में होने के कारण यह कृदन्त है। 2. प्रत्यय विधान (विभक्ति … Continue reading “रामः” शब्द की रूपसिद्धि (प्रथमा विभक्ति, एकवचन) ram shabd ki roop siddhi-sanskrit