सूत्र: स्वौजसमौट्छष्टाभ्याम्भिस्ङेभ्याम्भ्यस्ङसिभ्याम्भ्यस्ङसोसाम्ङ्योस्सुप् (४.१.२) ,laghusiddhantakaumudi

सूत्र: स्वौजसमौट्छष्टाभ्याम्भिस्ङेभ्याम्भ्यस्ङसिभ्याम्भ्यस्ङसोसाम्ङ्योस्सुप् (४.१.२) यह सूत्र अष्टाध्यायी के चौथे अध्याय के प्रथम पाद का दूसरा सूत्र है। १. सूत्र का अर्थ यह सूत्र प्रातिपदिक के बाद लगने वाले २१ प्रत्ययों का विधान करता है। इन प्रत्ययों को सामूहिक रूप से ‘सुँप्’ (Sup) कहा जाता है। ये प्रत्यय तीनों वचनों (एकवचन, द्विवचन, बहुवचन) और सातों विभक्तियों (प्रथमा … Continue reading सूत्र: स्वौजसमौट्छष्टाभ्याम्भिस्ङेभ्याम्भ्यस्ङसिभ्याम्भ्यस्ङसोसाम्ङ्योस्सुप् (४.१.२) ,laghusiddhantakaumudi