👉 जिन शब्दों के अंत में स्वर (अ, आ, इ…) नहीं बल्कि व्यंजन (हल्) होता है, वे हलन्त कहलाते हैं। 👉 ऐसे शब्दों के रूप सामान्य “राम” जैसे नहीं होते, इसलिए pattern समझना + कुछ रूप याद रखना ज़रूरी है।
📌 उदाहरण:
राजन् (राजा)
आत्मन् (आत्मा)
पथिन् (पथिक/यात्री)
🔥 2. मुख्य पहचान (Key Features)
प्रथमा एकवचन में अक्सर “न्” लुप्त होकर “आ” आ जाता है → राजन् → राजा
कई रूपों में “न् → ञ्” परिवर्तन होता है → राजन् → राज्ञा, राज्ञे
बहुवचन में प्रथमा प्रायः -अनः / -ानः से बनती है
🔥 3. “राजन्” शब्द-रूप (Model Example)
विभक्ति
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथमा
राजा
राजानौ
राजानः
द्वितीया
राजानम्
राजानौ
राजान्
तृतीया
राज्ञा
राजभ्याम्
राजभिः
चतुर्थी
राज्ञे
राजभ्याम्
राजभ्यः
पंचमी
राज्ञः
राजभ्याम्
राजभ्यः
षष्ठी
राज्ञः
राज्ञोः
राज्ञाम्
सप्तमी
राज्ञि
राज्ञोः
राजसु
संबोधन
हे राजन्
हे राजानौ
हे राजानः
⚠️ Important Corrections (ध्यान देने वाली बातें)
द्वितीया बहुवचन → राजान् ✔️ (ना कि “राज्ञः”)
सप्तमी बहुवचन → राजसु ✔️
“राज्ञ” वाले रूप (राज्ञा, राज्ञे…) बहुत महत्वपूर्ण हैं
Leave a comment