संस्कृत शिक्षण केंद्र

Sanskrit Shabd Roop: Ram, Sarva, Hari, Sakhi (With Tables & Tricks)राम, सर्व, हरि, सखि शब्द रूप (Table + Easy Tricks)

संस्कृत व्याकरण में ‘सुबंत प्रकरण’ का संबंध उन शब्दों से है, जिनके अंत में २१ सुप् (सु, औ, जस…) प्रत्यय लगते हैं, जिससे संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण पद बनते हैं [१, १०]। ‘सुप्तिङन्तं पदं’ सूत्रानुसार, जो शब्द विभक्तियों के साथ प्रयुक्त होते हैं, वे सुबंत (पद) कहलाते हैं [५]। यह प्रकरण राम:, हरि, लता जैसे शब्दों के विभक्तियुक्त रूप (शब्दरूप) सिद्ध करता है

विभक्ति किसे कहते हैं?

संस्कृत व्याकरण में विभक्ति वह रूप होता है जो किसी संज्ञा (noun) या सर्वनाम (pronoun) के साथ लगकर यह बताता है कि उसका वाक्य में क्या संबंध है।

👉 सरल भाषा में:
विभक्ति = शब्द का वह रूप जो उसके “काम” या “रोल” को दिखाए।


🔹 उदाहरण से समझो:

वाक्य: रामः वनं गच्छति।

  • रामः → यहाँ “राम” कर्ता है → इसलिए प्रथमा विभक्ति
  • वनं → जहाँ जा रहा है (कर्म) → इसलिए द्वितीया विभक्ति

🔹 मुख्य 7 विभक्तियाँ:

  1. प्रथमा – कर्ता (Who?)
  2. द्वितीया – कर्म (Whom?/What?)
  3. तृतीया – करण (By/With whom?)
  4. चतुर्थी – संप्रदान (For whom?)
  5. पंचमी – अपादान (From whom?)
  6. षष्ठी – संबंध (Whose?)
  7. सप्तमी – अधिकरण (Where?)

(+ 8वीं = संबोधन → पुकारने के लिए)

🔥 राम शब्द रूप 👉 राम = अजन्त पुल्लिङ्ग (अकारान्त पुंलिंग)

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमा (कर्ता)रामःरामौरामाः
द्वितीया (कर्म)रामम्रामौरामान्
तृतीया (करण)रामेणरामाभ्याम्रामैः
चतुर्थी (संप्रदान)रामायरामाभ्याम्रामेभ्यः
पंचमी (अपादान)रामात्रामाभ्याम्रामेभ्यः
षष्ठी (संबंध)रामस्यरामयोःरामाणाम्
सप्तमी (अधिकरण)रामेरामयोःरामेषु
संबोधनहे रामहे रामौहे रामाः

🔥 सर्व शब्द रूप (पुल्लिङ्ग)

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमासर्वःसर्वौसर्वे
द्वितीयासर्वम्सर्वौसर्वान्
तृतीयासर्वेणसर्वाभ्याम्सर्वैः
चतुर्थीसर्वस्मैसर्वाभ्याम्सर्वेभ्यः
पंचमीसर्वस्मात्सर्वाभ्याम्सर्वेभ्यः
षष्ठीसर्वस्यसर्वयोःसर्वेषाम्
सप्तमीसर्वस्मिन्सर्वयोःसर्वेषु
संबोधनहे सर्वहे सर्वौहे सर्वे

🔥 हरि शब्द रूप (पुल्लिङ्ग)

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमाहरिःहरीहरयः
द्वितीयाहरिम्हरीहरीन्
तृतीयाहरिणाहरिभ्याम्हरिभिः
चतुर्थीहरयेहरिभ्याम्हरिभ्यः
पंचमीहरेःहरिभ्याम्हरिभ्यः
षष्ठीहरेःहर्योःहरीणाम्
सप्तमीहरौहर्योःहरिषु
संबोधनहे हरिहे हरीहे हरयः

🔥 सखि शब्द रूप (पुल्लिङ्ग)

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमासखिःसखीसखयः
द्वितीयासखिम्सखीसखीन्
तृतीयासखिनासखिभ्याम्सखिभिः
चतुर्थीसखयेसखिभ्याम्सखिभ्यः
पंचमीसखेःसखिभ्याम्सखिभ्यः
षष्ठीसखेःसख्योःसखीनाम्
सप्तमीसखौसख्योःसखिषु
संबोधनहे सखिहे सखीहे सखयः

Leave a comment