मेघदूत के आधार पर कालिदास के भौगोलिक ज्ञान की समीक्षा

मेघदूत के आधार पर कालिदास के भौगोलिक ज्ञान की समीक्षा प्रस्तावना महाकवि कालिदास कृत ‘मेघदूत’ मात्र एक विरह-काव्य नहीं, अपितु तत्कालीन भारत का एक प्रामाणिक भौगोलिक दस्तावेज भी है। 1. भारत के भौगोलिक विस्तार का चित्रण कालिदास का भौगोलिक ज्ञान अत्यंत विस्तृत है। पूर्वमेघ में उन्होंने मेघ के यात्रा-पथ का जो वर्णन किया है, उसमें … Continue reading मेघदूत के आधार पर कालिदास के भौगोलिक ज्ञान की समीक्षा