न्यायशास्त्र केशव मिश्र=यथार्थ ज्ञान,प्रमाणस्वरूप,कारण निरूपण,समवायि कारण
१. सन्दर्भ (Context) न्यायशास्त्र के अनुसार किसी भी वस्तु के यथार्थ ज्ञान (तत्त्वज्ञान) के लिए तीन बातें आवश्यक हैं: उद्देश, लक्षण और परीक्षा।२. शब्दार्थ और सरल अनुवाद “उद्देशस्तु नाममात्रेण वस्तुसङ्कीर्त्तनम्।”अर्थ: उद्देश का तात्पर्य है—केवल नाम लेकर वस्तु का कथन कर देना (संकीर्तन या नामोच्चारण करना)।“तच्चास्मिन्नेव सूत्रे कृतम्।”अर्थ: और वह (उद्देश) इस (तर्कभाषा के प्रथम) सूत्र में … Continue reading न्यायशास्त्र केशव मिश्र=यथार्थ ज्ञान,प्रमाणस्वरूप,कारण निरूपण,समवायि कारण
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